Hindi Diwas celebrations organised by MYP-DP students and faculty



चोइथराम इंटरनेशनल में हिन्दी दिवस का आयोजन


चोइथराम इंटरनेशनल में 14 सितंबर को हिन्दी दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। विद्यालय के प्राचार्य श्री दिलीप वासु, डी.पी., एम.वाय.पी., पी.वाय.पी. समन्वयक  एवं अभिभावकों ने दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने हिन्दी की महत्ता बताते हुए अपने अनुभव सुनाएँ| एम्.वाय.पी.के छात्रों द्वारा गणेश वन्दना के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ| डी.पी.के छात्र तनिष्क पोरवाल ने अपने भाषण द्वारा हिन्दी की उपयोगिता एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला|



एम्.वाय.पी. के छात्र आर्य जैन ने हिन्दी की विशेषताएँ बताते हुए कविता पाठ किया| इस अवसर पर विद्यालय में अंतर्सदनीय भक्ति-गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया और रैदास, तुलसीदास, कबीर एवं मीराबाई की भक्ति रचनाओं की प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में पालकगण भी उपस्थित थे। पालकों को ही प्रतियोगिता का निर्णायक बनाया गया था। उन्होंने विजेताओं के नाम घोषित किए। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया लिंकन सदन ने और द्वितीय स्थान प्राप्त किया ने टैगोर सदन ने|



आई.बी शिक्षा प्रणाली ऐसी शिक्षा प्रणाली है, जिसमें मातृभाषा को बढ़ावा देने के साथ-साथ  छात्रों को समग्र शिक्षा के माध्यम से आजीवन शिक्षार्थी बनने और सभी संस्कृतियों का सम्मान करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। छात्रों ने पाठ्यक्रम से जुड़ी धर्मवीर भारती की प्रसिद्ध साहित्यिक रचना ‘अंधायुग‘ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी जो महाभारतकालीन घटनाक्रम पर आधारित थी| यह नाटक छात्रों के उचित संयोजन और समन्वय का जीवंत उदाहरण था। पालकों ने छात्रों  के अभिनय की प्रशंसा की और नाटक का आनंद लिया। पालकों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम में कवि नीरज को याद करते हुए उनकी काव्य पंक्तियाँ सुनाई गई और हिन्दी दिवस मनाए जाने के कारणों को बताते हुए हिन्दी भाषा का सम्मान करने का संदेश दिया|


भक्ति गीत प्रतियोगिता के विजेता सदन को अभिभावक रश्मि जोशी द्वारा परमानंद योग केंद्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग कार्यक्रम में प्रस्तुति का अवसर पारितोषिक के रूप में दिया गया|



डी.पी. के छात्र अक्षत शर्मा ने स्वरचित कविता द्वारा मातृभाषा हिन्दी का महत्त्व दर्शाया| विद्यालय की मातृभाषा समन्वयक श्रीमती वसुमति चतुर्वेदी ने आई.बी. शिक्षा में हिन्दी भाषा की महत्ता के सोपान में अभिभावकों से जुड़ने का आग्रह किया| स्कूल के प्रमुखजनों और हिन्दी विभाग के आपसी सहयोग से यह कार्यक्रम सफलता से संपन्न हुआ। अंत में विद्यालय के छात्र रजत पटेल ने आभार प्रदर्शन किया।

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